हरिद्वार: जनपद के जिला आपूर्ति अधिकारी (DSO) को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े जाने की घटना पर जन अधिकार पार्टी (जनशक्ति) के राष्ट्रीय अध्यक्ष आजाद अली ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।आजाद अली ने अपने बयान में कहा कि विजिलेंस द्वारा की गई यह कार्रवाई केवल एक अधिकारी की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने भ्रष्टाचार के मूल कारणों पर प्रहार करते हुए पूछा कि आखिर किस आधार पर और किसके संरक्षण में एक विवादित अधिकारी को हरिद्वार जैसे बड़े और संवेदनशील जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई?उन्होंने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, “यह जांच का विषय है कि पूर्व में भी भ्रष्टाचार की शिकायतों में लिप्त रहे अधिकारी को हरिद्वार में तैनाती दिलाने के पीछे किन प्रभावशाली शक्तियों का हाथ था। बिना राजनीतिक या उच्चाधिकारियों के संरक्षण के इतना बड़ा भ्रष्टाचार संभव नहीं है।”आजाद अली ने मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की गहराई से जांच हो ताकि उन ‘सफेदपोश’ चेहरों को बेनकाब किया जा सके जो ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों की ढाल बनते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भ्रष्टाचार के इस तंत्र को जड़ से खत्म नहीं किया गया, तो पार्टी जनता के हितों के लिए सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी।
भ्रष्ट अधिकारियों को किसका संरक्षण? DSO की गिरफ्तारी पर आजाद अली ने सरकार को घेरा

