हरिद्वार: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) रुड़की ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को सशक्त बनाने और उन्हें आधुनिक डिजाइनों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से ‘एमएसएमई इनोवेटिव (डिजाइन) योजना’ पर एक महत्वपूर्ण जागरूकता सत्र का सफलतापूर्वक आयोजन किया।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्थानीय उद्योगों और एमएसएमई इकाइयों को सरकार की ‘डिज़ाइन स्कीम’ के फायदों से अवगत कराना था। इस योजना के माध्यम से एमएसएमई अपनी उत्पादों की गुणवत्ता, दक्षता और बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए विशेषज्ञों और आईआईटी रुड़की जैसे संस्थानों की तकनीकी मदद ले सकते हैं।
सत्र की मुख्य बातें:
- डिजाइन सहायता: विशेषज्ञों ने बताया कि कैसे एमएसएमई अपने उत्पादों के डिजाइन में सुधार के लिए वित्तीय सहायता और परामर्श प्राप्त कर सकते हैं।
- नवाचार को बढ़ावा: संस्थान ने उद्यमियों को पारंपरिक तरीकों से हटकर नए और आधुनिक डिजाइनों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।
- संस्थान-उद्योग सहयोग: आईआईटी रुड़की के प्रोफेसरों ने स्टार्टअप्स और छोटे व्यवसायों को अपनी प्रयोगशालाओं और अनुसंधान सुविधाओं का उपयोग करने के लिए आमंत्रित किया।
- सब्सिडी की जानकारी: सत्र के दौरान भारत सरकार द्वारा डिजाइन परियोजनाओं के लिए दी जाने वाली सब्सिडी और आवेदन प्रक्रिया पर विस्तृत जानकारी साझा की गई।
कार्यक्रम के अंत में, आईआईटी रुड़की के डिजाइन विभाग के प्रतिनिधियों ने उद्यमियों के साथ संवाद किया और उनकी शंकाओं का समाधान किया। संस्थान ने भविष्य में भी इस प्रकार के सत्र आयोजित करने की प्रतिबद्धता जताई ताकि ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को और मजबूती मिल सके।

