पूजा शर्मा srknews24×7
सियासी घमासान, ‘हरिद्वार को अमृत क्षेत्र’ घोषित करने की उठी आवाज
हरिद्वार: प्रखर हिंदूवादी नेता साध्वी प्राची की हालिया प्रेस वार्ता ने उत्तराखंड के राजनीतिक और धार्मिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। साध्वी प्राची ने सरकार से पुरजोर मांग की है कि हरिद्वार को ‘अमृत क्षेत्र’ घोषित किया जाए। उनकी इस मांग के बाद जहां एक पक्ष में खुशी की लहर है, वहीं दूसरी ओर सियासी और धार्मिक भूचाल आ गया है।
प्रेस वार्ता के दौरान साध्वी प्राची ने कहा कि हरिद्वार केवल एक शहर नहीं, बल्कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र और देवभूमि का द्वार है। उन्होंने मांग की कि:
- हरिद्वार की पवित्रता बनाए रखने के लिए इसे आधिकारिक तौर पर ‘अमृत क्षेत्र’ का दर्जा मिले।
- इस क्षेत्र की सीमा के भीतर मांस और मदिरा की बिक्री पर पूर्णतः प्रतिबंध लगे।
- गैर-हिंदुओं के व्यापारिक हस्तक्षेप और जनसांख्यिकीय बदलाव (Demographic Change) पर कड़ी निगरानी रखी जाए।
कहीं खुशी की लहर, कहीं सियासी भूचाल
साध्वी के इस बयान के बाद संत समाज और हिंदू संगठनों में खुशी देखी जा रही है। उनका तर्क है कि कुंभ की नगरी की मर्यादा बचाने के लिए यह कदम उठाना अनिवार्य है। संतों का कहना है कि ‘अमृत क्षेत्र’ घोषित होने से हरिद्वार की आध्यात्मिक ऊर्जा सुरक्षित रहेगी और आर्थिक ताने-बाने पर क्या असर पड़ेगा।
धार्मिक जानकारों का मानना है कि यदि हरिद्वार को ‘अमृत क्षेत्र’ घोषित किया जाता है, तो यह अयोध्या और काशी के बाद हिंदू पुनर्जागरण का अगला बड़ा केंद्र बनेगा।

