हरिद्वार। श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन निर्वाण, राजघाट, कनखल में ब्रह्मलीन मुकामी महन्त कोठारी निरंजन दास जी ‘चौधरी जी’ की पावन स्मृति में श्रद्धांजलि सभा एवं सत्रहवीं भंडारे का भव्य आयोजन श्रद्धा एवं भक्ति भाव के साथ संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में विभिन्न अखाड़ों एवं आश्रमों से पधारे संत-महात्माओं ने गुरु महाराज जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। संतों ने अपने उद्बोधन में कहा कि ब्रह्मलीन महन्त कोठारी निरंजन दास जी का जीवन त्याग, तपस्या और सेवा का अद्वितीय उदाहरण था। उन्होंने सदैव सनातन धर्म की मर्यादाओं का पालन करते हुए समाज में आध्यात्मिक चेतना जागृत की।
श्रद्धांजलि सभा में बड़ी संख्या में भक्तजन उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में गुरु महाराज जी के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। वातावरण भजन-कीर्तन, वैदिक मंत्रोच्चार और सत्संग से भक्तिमय बना रहा।
सभा के उपरांत सत्रहवीं भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें संतों, महात्माओं एवं श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन समिति ने बताया कि गुरु महाराज जी की पुण्य स्मृति में प्रतिवर्ष यह कार्यक्रम आयोजित किया जाता है, जिससे उनकी शिक्षाओं और आदर्शों को आगे बढ़ाया जा सके।
कार्यक्रम श्रद्धा, शांति और अनुशासन के साथ संपन्न हुआ।
कनखल में ब्रह्मलीन महन्त कोठारी निरंजन दास जी की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा एवं सत्रहवीं भंडारा आयोजित

