हरिद्वार: शिवरात्रि पर हरिद्वार में विशाल संत भंडारा, महंत रवि देव महाराज ने दिया आध्यात्मिक संदेश
महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर धर्मनगरी हरिद्वार स्थित श्रवण नाथ नगर के स्वामी परमानन्द आश्रम ट्रस्ट में भव्य धार्मिक कार्यक्रम एवं विशाल संत भंडारे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देश-विदेश से आए संत-महात्माओं, श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर पुण्य लाभ प्राप्त किया।
इस अवसर पर आश्रम के प्रमुख महंत रवि देव महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि महाशिवरात्रि केवल व्रत-उपवास का पर्व नहीं, बल्कि आत्मचिंतन और शिवत्व की अनुभूति का दिवस है। उन्होंने बताया कि यह दिन भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य मिलन का प्रतीक है, जो साधक को वैराग्य, करुणा और संतुलित जीवन का संदेश देता है।
आध्यात्मिक अनुष्ठान और भक्ति-भाव का माहौल
प्रातःकाल रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय जाप और शिव आरती के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। आश्रम परिसर में हर-हर महादेव के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो उठा। भक्तों ने जल, बेलपत्र और दूध अर्पित कर भगवान शिव का पूजन किया।
संत भंडारे में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
दोपहर में आयोजित विशाल संत भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। सेवा कार्य में आश्रम के सेवादारों, युवाओं एवं महिला मंडल ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। व्यवस्था अनुशासित और व्यवस्थित रही, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई।
महंत जी का संदेश
महंत रवि देव महाराज ने कहा—
“शिव का अर्थ कल्याण है। जब मनुष्य अपने भीतर के अहंकार का त्याग कर सेवा, दया और सत्य के मार्ग पर चलता है, तभी वास्तविक शिवरात्रि मनती है।”
कार्यक्रम के अंत में विश्व शांति, समाज में सद्भाव और मानव कल्याण की प्रार्थना के साथ श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान किया गया।
शिवरात्रि पर हरिद्वार में विशाल संत भंडारा, महंत रवि देव महाराज ने दिया आध्यात्मिक संदेश

