हरिद्वार (पूजा शर्मा)
गुरु वह दीपक हैं जो स्वयं जलकर शिष्य के जीवन को ज्ञान के प्रकाश से भर देते हैं। सही और गलत के बीच का भेद सिखाने वाले, और अंधकार से उजाले की ओर ले जाने वाले मार्गदर्शक का नाम ही ‘गुरु’ है।
इस अवसर पर समस्त संत समाज एवं दूर-दूर से भक्तजन पधारे और गुरु का आशीर्वाद एवं भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया। पंचायती श्री निरंजनी अखाड़े के सचिव अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्री महंत रवींद्र पुरीजी महाराज ने कहा ” जिस प्रकार एक कुम्हार मिट्टी को सुंदर आकार देता है, वैसे ही गुरु एक शिष्य के व्यक्तित्व को निखारकर उसे समाज के योग्य बनाते हैं “।

