हरिद्वार, 04 फरवरी 2026, पूजा शर्मा
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने बुधवार को हरिद्वार में प्रेस क्लब, हरिद्वार द्वारा आयोजित “हिन्दी पत्रकारिता द्वि-शताब्दी समारोह” में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने हिंदी पत्रकारिता की 200 वर्षों की गौरवशाली यात्रा को लोकतंत्र, समाज और राष्ट्र निर्माण की आधारशिला बताया।
अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता का दो शताब्दियों तक निरंतर सक्रिय रहना उसकी गहराई, प्रतिबद्धता और सामाजिक दायित्व का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1826 में प्रकाशित पहले हिंदी समाचार पत्र ‘उदन्त मार्तण्ड’ से आरंभ हुई यह यात्रा केवल समाचारों तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने राष्ट्रीय चेतना के जागरण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई।
राज्यपाल ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर सामाजिक सुधारों तक हिंदी पत्रकारिता ने आम जन की आवाज़ बनकर सत्ता और समाज के बीच सेतु का कार्य किया। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि हिंदी केवल संवाद की भाषा नहीं है, बल्कि यह भारत की भावनाओं, संस्कृति और आत्मा की सशक्त अभिव्यक्ति है।
उन्होंने पत्रकारों से बदलते तकनीकी युग में भी सत्य, निष्पक्षता और जनहित को सर्वोपरि रखने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान पत्रकारिता जगत से जुड़े वरिष्ठ पत्रकारों एवं साहित्यकारों को सम्मानित भी किया गया। समारोह में बड़ी संख्या में पत्रकार, बुद्धिजीवी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष लोकतंत्र की सशक्त नींव हैं : राज्यपाल गुरमीत सिंह

