हरिद्वार: स्वामी श्री हंस देवाचार्य जी महाराज की सप्तम पावन पुण्यतिथि के पावन अवसर पर 4 फरवरी को एक भव्य श्रद्धांजलि सभा एवं श्रीरामचरितमानस पाठ का आयोजन किया गया। यह आयोजन अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद (AVN) के आश्रय में स्थित आश्रम परिसर में संपन्न हुआ, जिसमें देश के विभिन्न अखाड़ों एवं आश्रमों से पधारे संत-महात्माओं ने सहभागिता की।
कार्यक्रम का शुभारंभ विधिवत श्रीरामचरितमानस पाठ से हुआ, जिसके पश्चात संतों एवं श्रद्धालुओं द्वारा स्वामी जी महाराज को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया गया तथा सभी को सप्रेम भेंट प्रदान की गई।
सभा को संबोधित करते हुए महामंडलेश्वर स्वामी अरुण दास जी महाराज ने स्वामी श्री हंस देवाचार्य जी महाराज के जीवन और व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “हमारे गुरु महाराज सदा परोपकार करने वाले, सभी के सुख-दुख में साथ खड़े रहने वाले और अत्यंत सादा जीवन व्यतीत करने वाले महान संत थे। उनके जैसा व्यक्तित्व विरले ही देखने को मिलता है।”
उन्होंने आगे कहा कि स्वामी जी महाराज एक पुण्यात्मा थे, जिन्हें धरती पर ईश्वर का प्रतिरूप कहा जा सकता है। उन्होंने न केवल देश में बल्कि विदेशों तक सनातन धर्म का ध्वज लहराया और उसके प्रचार-प्रसार में अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया।
इस अवसर पर देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं ने भी स्वामी जी महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित की। वक्ताओं ने बताया कि आज भी विदेशी श्रद्धालु उनके प्रति गहरी आस्था रखते हैं और उनके आदर्शों से प्रेरणा लेते हैं।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित संतों एवं भक्तों ने स्वामी श्री हंस देवाचार्य जी महाराज द्वारा दिए गए उपदेशों को अपने जीवन में उतारने तथा उनके दिखाए मार्ग पर चलते हुए सनातन धर्म को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
पूरे आयोजन में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने स्वामी जी महाराज की स्मृतियों को और भी जीवंत कर दिया।
स्वामी श्री हंस देवाचार्य जी महाराज की सप्तम पावन पुण्यतिथि श्रद्धा एवं भक्ति भाव से मनाई गई

