हरिद्वार : कनखल स्थित जगत राम उदासीन आश्रम में भव्य धार्मिक आयोजन, संत-महात्माओं और श्रद्धालुओं का उमड़ा जनसैलाब
कनखल स्थित जगत राम उदासीन आश्रम में महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 वैध सुरेंद्र मुनि जी महाराज की द्वितीय पुण्यतिथि के अवसर पर एक भव्य एवं दिव्य धार्मिक आयोजन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन, स्त्री दिवसीय पाठ का समापन तथा गुरु महाराज श्री जी की मूर्ति प्रतिष्ठा विधिवत वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुई।
इस पावन अवसर पर समस्त अखाड़ों एवं आश्रमों के संत-महात्मा उपस्थित रहे। कार्यक्रम में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। अमेरिका, कनाडा, इंग्लैंड सहित देश-विदेश के विभिन्न शहरों राजस्थान, पंजाब,हरियाणा से आए भक्तों ने गुरु महाराज श्री के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया और आयोजन की भव्यता को और भी दिव्य बना दिया।
कार्यक्रम के दौरान सुतीक्ष्ण जी महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि महामंडलेश्वर वैध श्री सुरेंद्र मुनि जी महाराज का संपूर्ण जीवन निस्वार्थ सेवा, त्याग और सत्य के मार्ग पर आधारित रहा। उन्होंने कहा कि गुरु महाराज ने सदैव समाज को सेवा भाव से कार्य करने और सत्य की राह पर चलने की शिक्षा दी। सुतीक्ष्ण जी महाराज ने आगे कहा कि वे स्वयं भी गुरु की शिक्षाओं का अनुसरण करते हुए भक्तों को यही संदेश देते हैं कि जीवन में निस्वार्थ भाव से कर्म करें, सनातन धर्म के उत्थान के लिए निरंतर धर्मकार्य करते रहें और संत-महापुरुषों का आशीर्वाद प्राप्त करते रहें।
पूरे आयोजन के दौरान भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला। भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। आश्रम परिसर “जय गुरु महाराज” और “सनातन धर्म की जय” के उद्घोषों से गूंज उठा।
यह आयोजन न केवल गुरु महाराज श्री की स्मृति को नमन करने का अवसर बना, बल्कि सनातन धर्म की परंपराओं, मूल्यों और आध्यात्मिक चेतना को आगे बढ़ाने का एक सशक्त संदेश भी प्रदान करता नजर आया।
कनखल स्थित जगत राम उदासीन आश्रम सुखधाम में “गुरु महाराज श्री की द्वितीया पुण्यतिथि आयोजन ” संत महात्माओं और श्रद्धालुओं का उमड़ा जनसैलाब

