हरिद्वार: हरिद्वार के भूपतवाला स्थित तुलसी मानस मंदिर में, पूज्य आचार्यश्री स्वामी अवधेशानन्द गिरि जी महाराज की पावन अध्यक्षता में ब्रह्मलीन महामण्डलेश्वर पूज्य श्री स्वामी अर्जुन पुरी जी महाराज का षोडशी श्रद्धांजलि समारोह श्रद्धा और गरिमा के साथ सम्पन्न हुआ
अपने प्रेरणापूर्ण उद्बोधन में “पूज्य आचार्यश्री जी” ने कहा कि ब्रह्मलीन पूज्य श्री स्वामी अर्जुन पुरी जी महाराज भारतीय आध्यात्मिक जगत की एक दिव्य विभूति थे। उन्होंने साधना, सेवा और तपश्चर्या द्वारा सनातन धर्म एवं भारतीय संस्कृति की गौरव-गाथा को देश-विदेश तक प्रतिष्ठित किया। उनका सम्पूर्ण जीवन हमें यह सन्देश देता है कि श्रद्धा के साथ सत्कर्म, स्वाध्याय और लोकमंगल के कार्य ही सच्ची श्रद्धांजलि हैं। अतः हमें उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर निरन्तर शुभ कर्मों में प्रवृत्त रहना चाहिए।
इस अवसर पर “पूज्य आचार्यश्री जी” ने तुलसी मानस मन्दिर के उत्तराधिकारी महन्त पूज्य श्री स्वामी कामेश्वर पुरी जी महाराज को चद्दर-विधि से सम्मानित कर हार्दिक शुभकामनाएँ एवं आशीर्वाद प्रदान किए। उन्होंने कहा कि स्वामी कामेश्वर पुरी जी महाराज अत्यंत विनयी, विद्वान एवं कुशल नेतृत्वकर्ता हैं। “पूज्य आचार्यश्री जी” ने प्रेरक शब्दों में कहा कि “हम गुरु की संतान हैं, नाद-सृष्टि के उत्तराधिकारी हैं। हमें नित्य स्वाध्याय करना चाहिए, गुरु-प्रसाद को विनम्रता से ग्रहण करना चाहिए और गुरु के प्रति पूर्ण समर्पण-भाव में सदा स्थित रहना चाहिए।”
समारोह में श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा के वरिष्ठ राष्ट्रीय अध्यक्ष पूज्यपाद श्री स्वामी प्रेम गिरि जी महाराज, अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता पूज्य महामण्डलेश्वर नारायण गिरि जी महाराज, महासचिव पूज्य श्री स्वामी महेश पुरी जी महाराज, पूज्य श्री स्वामी केदार पुरी जी महाराज, निर्वाण अखाड़ा के पीठाधीश्वर आचार्यमहामण्डलेश्वर अनन्तश्रीविभूषित पूज्यपाद श्री स्वामी विशोकानन्द जी महाराज, हरिद्वार विधायक आदरणीय श्री मदन कौशिक जी, पटियाला (पंजाब) से पधारे आदरणीय श्री ब्रह्ममहेन्द्रा जी, पूज्या महामण्डलेश्वर डॉ. राधा गिरि जी, महामण्डलेश्वर पूज्या साध्वी चेतना गिरि जी एवं श्रद्धा गिरि जी, पूज्य महामण्डलेश्वर शैलेषानन्द गिरि जी, महामण्डलेश्वर स्वामी ललितानन्द गिरि जी महाराज, महामण्डलेश्वर स्वामी रामेश्वरानन्द सरस्वती जी महाराज, स्वामी गिरधर गिरि जी महाराज सहित अनेक पूज्य संतगण तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालुगण उपस्थित रहे।

