हरिद्वार: हरिद्वार के कनखल में हिन्दू सम्मेलन: संतों ने दिया सनातन एकता का संदेश
कपिल वाटिका, हरिद्वार में आयोजित भव्य हिन्दू सम्मेलन समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं धर्मप्रेमियों की सहभागिता देखने को मिली। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ-साथ संतों एवं वक्ताओं ने सनातन धर्म की महिमा, परंपराओं और सामाजिक एकता पर प्रकाश डाला।
सम्मेलन के मुख्य अतिथि पंचायती महानिर्वाणी अखाड़ा के अध्यक्ष महंत रविन्द्र पुरी जी महाराज उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि सनातन धर्म केवल पूजा-पद्धति नहीं बल्कि जीवन जीने की संपूर्ण व्यवस्था है, जो समाज को संस्कार, अनुशासन और मानवता का मार्ग दिखाता है।
कार्यक्रम में विशेष वक्ता के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रतिनिधि श्री पवन जी ने हिन्दू समाज की एकता पर जोर देते हुए युवाओं से सांस्कृतिक मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जब समाज अपने धर्म और संस्कृति से जुड़ा रहता है तब राष्ट्र स्वतः सशक्त बनता है।
कार्यक्रम अध्यक्ष संत श्री जगजीत सिंह शास्त्री, अध्यक्ष निर्मल संतपुरा ट्रस्ट ने अपने उद्बोधन में सनातन परंपरा की गुरु-शिष्य परंपरा, सेवा और परोपकार की भावना को समाज की वास्तविक शक्ति बताया। उन्होंने कहा कि आज के समय में आध्यात्मिक चेतना ही समाज को विभाजन से बचाकर एकता की दिशा देती है।
सम्मेलन में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। भजन-कीर्तन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। उपस्थित जनसमूह ने सामूहिक रूप से एकता और धर्म रक्षा का संकल्प लेते हुए कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
हरिद्वार के कनखल में हिन्दू सम्मेलन: संतों ने दिया सनातन एकता का संदेश

