हरिद्वार: ऋषिकेश स्थित विश्वविख्यात परमार्थ निकेतन में 77वां गणतंत्र दिवस अत्यंत श्रद्धा, राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक गरिमा के साथ बड़े धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर मंत्रोच्चार, यज्ञ एवं वैदिक पूजा के बीच राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा और देशप्रेम की भावना से ओतप्रोत हो गया।
कार्यक्रम में परमार्थ विद्या मंदिर एवं परमार्थ गुरुकुल के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया। देशभक्ति गीत, नृत्य, नाट्य प्रस्तुतियों और योग प्रदर्शन के माध्यम से छात्रों ने भारत की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और एकता का सशक्त संदेश दिया। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया और राष्ट्र के प्रति गर्व की अनुभूति कराई।
इस अवसर पर वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की आध्यात्मिक शक्ति, सांस्कृतिक विरासत और युवाओं की ऊर्जा ही उसे विश्व गुरु बनने की ओर अग्रसर कर रही है। उन्होंने कहा कि भारत को विश्व गुरु बनने से कोई नहीं रोक सकता, क्योंकि यहां की शिक्षा, संस्कार और सेवा भाव पूरी दुनिया के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
समारोह के अंत में राष्ट्र की एकता, अखंडता और समृद्धि के लिए प्रार्थना की गई। परमार्थ निकेतन में मनाया गया यह गणतंत्र दिवस न केवल एक राष्ट्रीय पर्व था, बल्कि भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना का भव्य उत्सव भी बन गया।
परमार्थ निकेतन ऋषिकेश में 77वां गणतंत्र दिवस श्रद्धा और सांस्कृतिक उल्लास के साथ मनाया गया

