हरिद्वार। बागेश्वर पीठाधीश्वर आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी का आज विश्वविख्यात परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश में आध्यात्मिक वातावरण के बीच आगमन हुआ। इस अवसर पर परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती जी ने उनका आत्मीय स्वागत किया। दोनों संतों ने वेद मित्रों के साथ पवित्र गंगा तट पर विधि-विधान से मां गंगा का पूजन-अर्चन किया।
गंगा पूजन के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार से समूचा परमार्थ निकेतन परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो गया। स्वामी चिदानंद सरस्वती जी एवं आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी ने मां गंगा से राष्ट्र की समृद्धि, शांति और जनकल्याण की कामना की।
इस अवसर पर दोनों संतों ने श्री राम लाल प्रतिष्ठा 2026 को लेकर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि श्रीराम भारत की आत्मा हैं और उनकी प्रतिष्ठा राष्ट्र को सांस्कृतिक एकता, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक चेतना से जोड़ने का कार्य करेगी। यह आयोजन देशवासियों के लिए आस्था, श्रद्धा और एकता का संदेश लेकर आएगा।
आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी ने कहा कि सनातन संस्कृति भारत की पहचान है और गंगा जैसे पावन तीर्थस्थल पर पूजन करना जीवन को सकारात्मक ऊर्जा से भर देता है। वहीं स्वामी चिदानंद सरस्वती जी ने कहा कि संतों का यह समागम राष्ट्र को सेवा, साधना और संस्कार की दिशा में प्रेरित करता है।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, वेद मित्र एवं परमार्थ निकेतन परिवार के सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्र मंगल की कामना के साथ किया गया।
परमार्थ निकेतन में बागेश्वर पीठाधीश्वर आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का भव्य आगमन, वेद मंत्रों के साथ हुआ गंगा पूजन

